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वाराणसी। आज शरद पूर्णिमा है। हिंदू धर्म में इस पूर्णिमा का विशेष महत्व है। मान्यता है कि इस रात चंद्रमा अपनी 16 कलाओं से परिपूर्ण होकर अमृत वर्षा करता है।
शरद पूर्णिमा पर चंद्रमा की चांदनी में खीर रखने की विशेष परंपरा है। दूध, चावल और मेवों से बनी खीर को चांदनी में रखने से उसमें अमृत का वास होता है, ऐसी धार्मिक मान्यता है।
इसे कोजागरी पूर्णिमा के रूप में भी मनाया जाता है। इस दिन मां लक्ष्मी की विशेष पूजा-अर्चना की जाती है। कहा जाता है कि इस रात मां लक्ष्मी भ्रमण पर निकलती हैं और जो जागकर उनकी आराधना करता है, उस पर कृपा बरसाती हैं।
आज रात काशीवासियों के घर-घर में सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना के साथ पूजा-अर्चना होगी। घाटों और मंदिरों में भी विशेष आयोजन किए जाएंगे।
रिपोर्ट – देहाती लेखक, वाराणसी
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