October 4, 2026
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मोढ़ेला तिराहे पर बुझा एक गरीब परिवार का चिराग – क्या विधायक, क्या मंत्री, कोई सुध लेगा? | देहाती लेखक की खास रिपोर्ट

वाराणसी। लोहता थाना क्षेत्र के मोढ़ेला तिराहा। शनिवार की रात। अंधेरा, सन्नाटा और सड़क किनारे पड़ा एक शव। पुलिस ने कहा – एक्सीडेंट है। लेकिन परिवार चीख-चीख कर कह रहा है – ये एक्सीडेंट नहीं, हत्या है। मेरे भाई को मारकर यहां फेंक दिया गया है।

ये कहानी है 40 वर्षीय सतीश कुमार की। कोल्हुआ विनायका, थाना भेलूपुर का रहने वाला। एक ऐसा लड़का जिसकी किस्मत ने बचपन से ही उसे अकेला कर दिया।

पहले पिता, फिर मां… फिर अब खुद

सतीश के पिता स्व. राधेश्याम जी का देहांत कई साल पहले हो गया था। पिता के जाने के गम से परिवार उबर भी नहीं पाया था कि तीन साल बाद मां ने भी दुनिया को अलविदा कह दिया। माता-पिता के जाने के बाद घर की सारी जिम्मेदारी सतीश के कंधों पर आ गई।

तीन जवान बहनें – जिसमे सिर्फ एक का ही विवाह हुआ है जबकि दो बहनों की शादी करनी बाकी है। एक छोटा भाई – जिसकी शादी बाकी है। एक पत्नी और 6 साल का एक मासूम बेटा, जो अभी तक समझ भी नहीं पा रहा कि उसके पापा अब कभी लौटकर नहीं आएंगे।

किराए के मकान में रहता था पूरा परिवार

सबसे दर्दनाक बात ये है भैया, इस परिवार के पास सिर छुपाने के लिए अपना घर तक नहीं है। पूरा परिवार किराए के एक छोटे से मकान में रहता है। गरीबी इतनी कि दो वक्त की रोटी भी बड़ी मुश्किल से नसीब होती थी।

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इसी गरीबी से लड़ने के लिए सतीश 20 दिन पहले ही चौक स्थित एक साड़ी की दुकान पर नौकरी करने लगा था। 7 से 9 हजार की नौकरी, लेकिन उसी में उसे अपने परिवार का भविष्य दिखता था। वो रात में पैदल ही दुकान से घर आता-जाता था।

शनिवार रात भी वो काम से निकला, लेकिन घर नहीं पहुंचा।

भाई ने लगाया हत्या का आरोप

देर रात लोहता पुलिस का फोन बजा। फोन सतीश के भाई शैलेंद्र के पास आया – “तुम्हारे भाई का एक्सीडेंट हो गया है, मोढ़ेला तिराहे पर आ जाओ।”

शैलेंद्र दौड़ता-भागता मौके पर पहुंचा तो देखा बड़े भाई का शव पड़ा है, सिर से खून बह रहा है। शैलेंद्र का साफ कहना है – “मेरे भाई का एक्सीडेंट नहीं हुआ है, उसकी हत्या करके शव को यहां लाकर फेंका गया है, ताकि इसे हादसे का रूप दिया जा सके।”

पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। थानाध्यक्ष लोहता अभिजीत सिंह का कहना है कि – “जहां शव मिला है वहां CCTV कैमरा लगा है, हम जांच कर रहे हैं, पोस्टमार्टम के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।”

अब सवाल सरकार से…

देहाती लेखक आज अपने चैनल के माध्यम से सरकार से, क्षेत्र के विधायक से, मंत्री से एक ही सवाल पूछना चाहता है –

जिस परिवार के पास रहने को अपना घर नहीं, किराए पर रह रहा है… जिसके घर में तीन-तीन मौतें हो चुकी हैं… जिसका इकलौता कमाने वाला चला गया… उस परिवार का सहारा कौन बनेगा?

क्या कोई जनप्रतिनिधि उस 6 साल के मासूम बच्चे के सिर पर हाथ रखेगा? क्या उन दो जवान बहनों की शादी की जिम्मेदारी कोई लेगा? क्या इस गरीब परिवार को आवास, मुआवजा, न्याय मिलेगा?

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इस पूरे घटनाक्रम में लोहता थाना पुलिस ने तत्परता दिखाई है। एसीपी लोहता अवधेश विश्वकर्मा के नेतृत्व में पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची, शव को कब्जे में लिया और जांच शुरू की। थानाध्यक्ष अभिजीत सिंह ने बताया कि शव जहां मिला है वहां CCTV कैमरा लगा है, फुटेज खंगाली जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत का असली कारण स्पष्ट होगा और आगे की विधिक कार्यवाही जारी है।

पुलिस अपनी जांच कर रही है, लेकिन देहाती लेखक इस परिवार के साथ खड़ा है और मांग करता है कि इस मामले की निष्पक्ष जांच हो और इस बेसहारा परिवार को सरकारी मदद मिले।

अगर आप भी इस परिवार को न्याय दिलाना चाहते हैं तो इस वीडियो को ज्यादा से ज्यादा शेयर करिए।

– देहाती लेखक, निष्पक्ष व निर्भीक पत्रकारिता, देश की आवाज़

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Team Dehati
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