September 17, 2026
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BREAKING: रोहनिया के भदरासी आयुर्वेदिक अस्पताल का हाल बेहाल! जनरेटर है पर तेल नहीं, अंधेरे में इलाज को मजबूर कर्मचारी

वाराणसी, रोहनिया। योगी सरकार भले ही स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने के बड़े-बड़े दावे कर रही हो, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। रोहनिया के भदरासी गांव स्थित सरकारी आयुर्वेदिक अस्पताल की हालत इस वक्त बेहद दयनीय बनी हुई है।

ग्रामीणों ने देहाती लेखक को बताया कि अस्पताल में बिजली जाने पर बैकअप के लिए जनरेटर की व्यवस्था तो की गई है, लेकिन महीनों से उसमें तेल ही नहीं डाला गया है।

आलम ये है कि जैसे ही लाइट जाती है, पूरा अस्पताल अंधेरे में डूब जाता है। मजबूरन कर्मचारी और डॉक्टर मोबाइल की टॉर्च की रोशनी में मरीजों का इलाज करने को मजबूर हैं।

बड़ा सवाल – जिम्मेदार कौन?
1. लाखों रुपये का जनरेटर शोपीस बना हुआ है, तो उसका फायदा किसे?
2. जनरेटर के तेल का बजट कहां जा रहा है?
3. रात में अगर कोई इमरजेंसी आ जाए तो मरीज की जान का जिम्मेदार कौन होगा?

स्थानीय ग्रामीणों ने मुख्य चिकित्साधिकारी और जिला आयुर्वेदिक अधिकारी से तत्काल इस मामले पर संज्ञान लेने और जनरेटर में तेल की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है।

मानवाधिकार CWA की एंट्री:
इस मामले को गंभीरता से लेते हुए मानवाधिकार CWA वाराणसी के जिला प्रभारी राजेश कुमार कुशवाहा ने कहा है कि “यह गरीब मरीजों के जीवन के साथ खिलवाड़ और मानवाधिकार का सीधा उल्लंघन है। विभाग को तलब किया जाएगा और उच्च अधिकारियों को लिखित शिकायत भेजकर जनरेटर में तत्काल तेल की व्यवस्था और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की जाएगी।”

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लोकेशन: भदरासी | रोहनिया | गंगापुर | काशीपुर चौराहा | मातलदेई | वाराणसी

देहाती लेखक इस खबर के माध्यम से प्रशासन का ध्यान इस गंभीर लापरवाही की ओर खींचना चाहता है ताकि गरीब मरीजों को अंधेरे में इलाज की मजबूरी से छुटकारा

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Team Dehati
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न्यूज़ एडिटर | देहाती लेखक
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