September 11, 2026
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वाराणसी ब्रेकिंग: दुधिया तालाब में मछली मारने के लिए जाल डालना कानूनी अपराध, प्रधान पर भी होगी कार्रवाई!

वाराणसी | देहाती लेखक
पंचक्रोशी यात्रा के प्रमुख पड़ाव दुधिया तालाब को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। अगर कोई भी व्यक्ति तालाब में मछली पकड़ने के लिए जाल डालता है, तो यह सिर्फ धार्मिक आस्था से खिलवाड़ नहीं, बल्कि सीधे तौर पर कानूनी अपराध है।

क्या है पूरा मामला?
स्थानीय लोगों और पुजारियों के अनुसार, दुधिया तालाब सिर्फ एक तालाब नहीं, बल्कि पंचक्रोशी परिक्रमा का पवित्र स्थल है। यहाँ की मछलियों को क्षेत्रपाल बाबा का रूप माना जाता है। यहाँ सदियों से मछली मारना वर्जित है। तालाब की रखवाली स्वयं हनुमान जी के स्वरूप क्षेत्रपाल बाबा करते हैं, जिनकी सिंदूरी प्रतिमा तालाब के किनारे स्थापित है।

लेकिन हाल ही में कुछ लोगों द्वारा जाल डालकर मछली पकड़ने की कोशिश की खबरें सामने आ रही थीं।

कानून क्या कहता है?
प्रशासन के अनुसार:
1. यह अपराध है: पंचक्रोशी यात्रा मार्ग के तालाब सरकारी संपत्ति हैं। इनमें मत्स्य आखेट करना उत्तर प्रदेश तालाब, मत्स्य पालन और नगर निगम अधिनियम के तहत दंडनीय अपराध है।
2. प्रधान पर भी गाज: अगर ग्राम पंचायत के तालाब में ऐसी घटना होती है और ग्राम प्रधान द्वारा कोई रोकथाम या शिकायत नहीं की जाती, तो संबंधित प्रधान के खिलाफ भी विभागीय कार्रवाई और जुर्माना लगाया जा सकता है।
3. एफआईआर तक हो सकती है: दोषी पाए जाने पर मत्स्य विभाग और राजस्व विभाग मिलकर एफआईआर दर्ज करा सकता है।

प्रशासन से अपील
स्थानीय लोगों ने मांग की है कि तालाब के किनारे “मछली पकड़ना अपराध है” का बोर्ड लगाया जाए और CCTV की व्यवस्था की जाए।

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> “दुधिया तालाब हमारी आस्था है। यहाँ की मछली को मारना श्राप लेने जैसा है। प्रशासन को सख्त होना चाहिए।” – स्थानीय निवासी

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Team Dehati
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न्यूज़ एडिटर | देहाती लेखक

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