August 19, 2026
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देहाती|लेखक (डिजिटल मीडिया)

2 अप्रैल 2025 को सुबह 10 बजे से मां गंगा निषादराज सेवा समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद कुमार निषाद ‘गुरु’ के नेतृत्व में मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के बाल सखा भगवान श्री गुह्य निषादराज जी साजन महोत्सव मनाया गया। डॉ राजेन्द्र प्रसाद घाट पर स्थित निषादराज की प्रतिमा को फूल-मालाओं से विधि विधान से श्रृंगार करके 101 किलो लड्डू का भोग लगाया गया। सायं 4 बजे से निकलने वाली शोभायात्रा समिति के केंद्रीय कार्यालय से भगवान निषाद राज, महर्षि कश्यप, बाबा भोलेनाथ, माता पार्वती, राम, लक्ष्मण, जानकी, हनुमान, एकलव्य, फूलन देवी,तिलका मांझी, गणेश जी, सहित ढेड़ दर्जन से अधिक झांकियां भोग अर्पण कराकर समिति की कार्यकारिणी राष्ट्रीय अध्यक्ष पूर्णिमा निषाद ने विधि-विधान से पूजा अर्चना आरती के साथ विदा किया निषादराज की आरती में ढोल-नगाड़े,ताशा,11 डमरू दल की गूंज से समुचा वातावरण भक्तिमय हो गया। इस अवसर पर हजारों की संख्या में बिंद, निषाद, केवट, मांझी मल्लाह, नाविक, कश्यप समाज के हजारों की संख्या में उपस्थित लोगों ने एक दूसरे को गले लगाकर हर्षोल्लास के साथ जयघोष किया। मांझी समाज के द्वारा यात्रियों को भोग के लड्डू वितरण किया गया।

भगवान श्री गुह्य निषादराज की जयंती का नेतृत्व कर रहे विनोद निषाद गुरु ने मंच से मांझी समाज की सभी उपजातियों को संबोधित करते हुए बताया कि, हम सब बिंद, निषाद, कश्यप, मछुआरा, के भगवान श्री निषादराज गुह्य जी ने सतयुग में मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम, लक्ष्मण, सीता जी को अपनी नौका से पार लगाने के बाद, भगवान श्रीराम से उतराई नहीं लिए थें, बल्कि भगवान से भवसागर से पार लगाने की बात कही थी। विनोद निषाद ने अपने समाज के क्रांतिकारी महापुरुषों के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि, हमारे समाज के वीर क्रांतिकारी झुरी बिंद ने चंदौली के धानापुर ब्लाक में सन् 1942 में अंग्रेजी हुकूमत के जुल्म के खिलाफ 10 दिनों तक धानापुर के थाने पर तिरंगा झंडा फहराया और अंत में अंग्रेजों के गोलियों से उन्हें मौत के घाट उतार दिया गया, हमारे ही समाज के महर्षि कश्यप जी ने विश्व कल्याण के लिए अनवरत यज्ञ, जप-तप किया था, वहीं वीर एकलव्य ने आचार्य द्रोणाचार्य को गुरु दक्षिणा में अपना अंगूठा दान दिया।

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करुणा और समर्पण की प्रतिमूर्ति थे निषादराज: सुचित कुमार साहनी जिला अध्यक्ष वाराणसी वीआईपी पार्टी

महाराज निषाद राज गुहा करुणा, त्याग और समर्पण के प्रतिमूर्ति थे। हमें उनके आदर्शों को अपनाना चाहिए। यह विचार बुधवार को निषादराज गुहा की जयंती के अवसर विकासशील इंसान पार्टी VIP के वाराणसी जिला अध्यक्ष सुचित कुमार साहनी ने शोभायात्रा के शुभारंभ के दौरान व्यक्त किए। इस मौके पर शोभायात्रा का पुष्प वर्षा कर स्वागत किया गया।

जिला अध्यक्ष सुचित कुमार साहनी ने कहा कि निषादराज महाराज ने हमें समाज के लिए त्याग करने की सीख दी। हम एकजुट होकर देश की तरक्की के लिए कार्य करें। उन्होंने निषाद समाज के लोगों से अपील की कि वह बेटी की शिक्षा पर विशेष ध्यान दें। ऋंगवेरपुर के राजा गुह थे। इनके पिता का नाम हिरण्यधनु और माता का नाम सुलेखा था। जो निषाद समाज के थे। उन्होंने त्रेतायुग में वनवास काल में भगवान राम, सीता तथा लक्ष्मण को गंगा पार कराई। महाराज गुह का जन्म चैत्र शुक्ल पक्ष की पंचमी को हुआ था। इसीलिए इस तिथि पर महाराज गुह की शोभायात्रा निकाली जाती है। इस दौरान शोभायात्रा का शुभारंभ सुचित कुमार साहनी ने सैकड़ो की जनसंख्या में VIP पार्टी कार्यकर्ताओं संघ संयुक्त रूप से किया। महाराज गुहा के चित्र की आरती उतारी गई और मार्ग में जगह-जगह शोभायात्रा का जोरदार स्वागत हुआ।

कार्यक्रम का संचालन कर रहे समिति के राष्ट्रीय सचिव हरिश्चंद्र बिंद ने बताया कि, निषाद समाज प्राचीन काल से ही मानवता की सेवा करते चला आ रहा है,बात चाहे आजादी के आंदोलन की हो या किसी आपदा विपत्ति की,हर परिस्थितियों में बिंद, केवट, मांझी मल्लाह समाज के लोग सहयोग के लिए खड़े रहते हैं, आज भी कोई डुबता है तो अपने प्राणों की परवाह किए बगैर रक्षा करते हैं लेकिन, आज देश को आजाद हुए 78 साल हो गये हैं फिर भी समाज को हमेशा से ही सामाजिक आर्थिक राजनीतिक शैक्षणिक रूप से वंचित रखा गया। समाज को उसके हक-अधिकारो से अलग करके बालू, मोरंग, तालाब, नदी के किनारे की खेती का अधिकार छिन लिया गया। जो संविधान में मझवार नाम से अनुसूचित जाति का आरक्षण मिला है उसको भी लागू नहीं किया जा रहा है।

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कार्यक्रम में लक्ष्मण मांझी, समिति के अधिवक्ता सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिव साहनी, जितेंद्र साहनी ,जितेंद्र कुमार निषाद, सुचित साहनी, टेलीविजन, पकडू माझी, अयोध्या प्रसाद निषाद चौधरी, मोनू साहनी, राज माझी, दीपू साहनी गोपाल मांझी, गोपाल प्रसाद निषाद, गोलू साहनी, प्रकाश साहनी छोटू, राहुल साहनी ,चंदन निषाद ,चंद्रसेन निषाद गोविंद साहनी, लव कुमार सुरेश माझी बल्लू बल्ला साहनी, विनय, संजय साहनी, पप्पू साहनी, मदन साहनी, रतन साहनी, राजू साहनी, बाबू साहनी, मयंक कुमार के अलावा आदि हजारों की जनसंख्या में लोग मौजूद रहे।

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Mayank Kashyap
Mayank Kashyap
न्यूज़ एडिटर | देहाती लेखक

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