Holika Dahan Time Shubh Muhurat Updates News in Hindi:
होलिका दहन आज रात 11:26 से 12:30 बजे तक होगा, जो पूर्णिमा तिथि और प्रदोष काल में आता है, जो अत्यंत शुभ है। इस बार विशेष योग भी बन रहा है, जो होली को और खास बनाता है।
होलिका दहन से जुड़ी अन्य पौराणिक कथाएं
शिव-पार्वती और कामदेव की कथा
इस दिन भगवान शिव ने कामदेव को भस्म किया था, जब उन्होंने शिवजी की साधना भंग करने का प्रयास किया था। इसलिए इस दिन को आध्यात्मिक तप और साधना का प्रतीक भी माना जाता है।

भगवान कृष्ण और पूतना वध
कहा जाता है कि इसी दिन भगवान कृष्ण ने राक्षसी पूतना का वध किया था, जिसने उन्हें मारने का प्रयास किया था। इसलिए यह दिन बुराई के नाश और अच्छाई के प्रबल होने का प्रतीक भी है।
होलिका दहन को किस-किस नामों से जाना जाता है?
होलिका दहन को हिन्दू धार्मिक ग्रंथों में विभिन्न नामों से जाना जाता है। इसे होलिका दीपक और छोटी होली भी कहा जाता है। यह पर्व खासतौर पर सूर्यास्त के पश्चात, प्रदोष काल में, जब पूर्णिमा तिथि होती है, मनाया जाता है।
होलिका दहन का समय बहुत ही विशेष होता है, क्योंकि भद्रा, जो पूर्णिमा तिथि के पूर्वार्ध में होती है, के दौरान होलिका पूजा और दहन नहीं करना चाहिए। भद्रा काल में किए गए कार्यों को वर्जित माना जाता है, और धार्मिक दृष्टिकोण से यह शुभ नहीं होता। इसलिए, होलिका दहन को हमेशा भद्रा के समाप्त होने के बाद ही करना चाहिए ताकि यह शुभ और सकारात्मक फल दे।

होलिका दहन शुभ मुहूर्त में ही क्यों करना चाहिए? (Holika Dahan 2025)
होलिका दहन का मुहूर्त किसी अन्य त्यौहार के मुहूर्त से अधिक महत्वपूर्ण और आवश्यक है। यदि किसी अन्य त्यौहार की पूजा उपयुक्त समय पर न की जाए, तो व्यक्ति केवल पूजा के लाभ से वंचित रहता है, लेकिन होलिका दहन का समय यदि अनुपयुक्त हो तो यह दुर्भाग्य और पीड़ा का कारण बन सकता है। होलिका दहन के दौरान सही मुहूर्त का पालन करने से नकारात्मक ऊर्जा का नाश होता है और जीवन में शुभता का संचार होता है।
इसलिए, होलिका दहन को शुभ मुहूर्त में करना अत्यंत आवश्यक होता है, ताकि हर व्यक्ति को इसका पूर्ण लाभ मिल सके और उनके जीवन में सुख-शांति और समृद्धि का वास हो।

होलिका दहन शुभ मुहूर्त (Holika Dahan Shubh Muhurat)
अभिजीत – दोपहर 12:07 से 12:55 तक
विजय मुहूर्त – दोपहर 02:25 से 03:25 तक
गोधुलि मुहूर्त -सायं 06:25 से 07:21 तक
निशीथ काल मुहूर्त – रात 11:42 से 12:26 तक
रोग-दोष से मुक्ति के लिए होलिका दहन के दिन करें ये उपाय
होलिका दहन वाले दिन काले तिल की आहुति देने से रोग-दोष से मुक्ति मिलती है। वहीं, धन लाभ के लिए इलायची की आहुति दें। फिर होलिका की परिक्रमा करें। अंत में गलतियों के लिए माफी मांगे ऐसा करने से सभी मनोकामनाओं की पूर्ति होगी।

होलिका दहन 2025 पूजा मंत्र (Holika Dahan 2025 Puja Mantra)
ऊं नृसिंहाय नम:
अनेन अर्चनेन होलिकाधिष्ठातृदेवता प्रीयन्तां नमम्।।
वन्दितासि सुरेन्द्रेण ब्रह्राणा शंकरेण च। अतस्त्वं पाहि नो देवि विभूतिः भूतिदा भव।।
होलिका दहन पर करें हनुमान जी की खास पूजा विधि (Puja Vidhi on Holika Dahan)
पूजा के लिए सबसे पहले स्नान कर लें।
इसके बाद साफ वस्त्रों को धारण करें।
अब पूजा के स्थान पर हनुमान जी को प्रणाम करें और उन्हें फूलों का हार, प्रसाद और चोला अर्पित करें।
इस दौरान उन्हें सिंदूर, चमेली का तेल भी चढ़ाएं।
अब घी का दीपक प्रज्वलित करें।
हनुमान जी के मंत्रों का जाप करें।
हनुमान चालीसा का पाठ करें और प्रभु को लाल रंग का चंदन भी लगाएं।
अंत में पूजा में हुई भूल की क्षमा मांगे।

होलिका दहन के दिन हनुमान जी के इन मंत्रों का करें जाप
ॐ हं हनुमते रुद्रात्मकाय हुं फट
ॐ नमो भगवते हनुमते नमः
ॐ महाबलाय वीराय चिरंजिवीन उद्दते. हारिणे वज्र देहाय चोलंग्घितमहाव्यये। नमो हनुमते आवेशाय आवेशाय स्वाहा।
ॐ नमो हनुमते रूद्रावताराय सर्वशत्रुसंहारणाय सर्वरोग हराय सर्ववशीकरणाय रामदूताय स्वाहा।
होलिका दहन पर करें इन चीजों का दान
काले तिल का दान – शनि दोष, राहु-केतु के नकारात्मक प्रभाव को कम करने के लिए काले तिल का दान किया जाता है।
नारियल का दान– नारियल को भगवान को अर्पित करके गरीबों में बांटना शुभ माना जाता है, जिससे समृद्धि और सुख की प्राप्ति होती है।
पानी और चावल का दान – पानी और चावल का दान जीवन में समृद्धि और खुशहाली लाने के लिए किया जाता है।
गेहूं और जौ का दान – गेहूं और जौ का दान करने से घर में अन्न की वृद्धि होती है और दरिद्रता दूर होती है।
गुड़ और तिल का दान – यह दान विशेष रूप से बुरी नजर से बचने और मनुष्य के जीवन में सुख-शांति बनाए रखने के लिए किया जाता है।

होलिका दहन में क्या क्या डालना चाहिए?
होलिका दहन की आग में सूखा नारियल डालना बहुत शुभ माना जाता है।
होलिका दहन की अग्नि में अक्षत और ताजे फूल भी चढ़ाने चाहिए।
होलिका दहन में साबुत मूंग की दाल, हल्दी और उपले डालने चाहिए।
होलिका दहन में चांदी या तांबे के कलश से जल और गुलाल भी डालना चाहिए।
होलिका दहन के दौरान करें इन मंत्रों का जाप (Mantra Jaap On Holika Dahan)
सुरक्षा और समृद्धि के लिए मंत्र
असृक्पाभय संतस्त्रैः कृताः त्वं होलि बालिशैः.
अतस्त्वां पूजयिष्यामि भूते भूतिप्रदा भव..

बच्चों के सिर के ऊपर से होलिका की अग्नि सात बार क्यों घुमाई जाती है?
होलिका दहन के बाद उसकी अग्नि को बच्चों के सिर के ऊपर से सात बार घुमाने की परंपरा बुरी नजर, नकारात्मक ऊर्जा और बुरी शक्तियों से रक्षा के लिए की जाती है। यह परंपरा तंत्र-शास्त्र और ज्योतिषीय मान्यताओं पर आधारित है, जिसमें होलिका की अग्नि को शुद्धिकरण और सुरक्षा का प्रतीक माना गया है।
वैज्ञानिक दृष्टिकोण देखें तो होलिका की अग्नि में हवन सामग्री, गोबर के उपले और गूलर की माला जलती है, जिससे वातावरण शुद्ध होता है। इसे सिर के ऊपर से घुमाने से बच्चे बीमारियों से बचे रहते हैं और उनका स्वास्थ्य अच्छा रहता है।
Holika Dahan 2025: होलिका दहन की रात इस विधि से करें हनुमान जी की खास पूजा, घर से दूर होंगी सारी परेशानियां
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- न्यूज़ एडिटर | देहाती लेखक
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