October 18, 2026
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Varanasi News: झोलाछाप डॉक्टर ने एक और महिला की ली जान, वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट मुकदमा लिखना मना है

देहाती संवाददाता। वाराणसी कमिश्नरेट बनने का जनता को लाभ मिल रहा हो या ना मिल रहा हो लेकिन सरकार खूब लाभ में है। नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो में मुकदमों का रिकॉर्ड होता है। जब मुकदमे नहीं लिखे जाएंगे तो रिकॉर्ड और अच्छा माना जायेगा। वाराणसी में भी इन दिनों एक पैटर्न देखने को मिल रहा है कि पीड़ित का थाने पर मुकदमा नहीं लिखा जा रहा है। ऐसा ही मामला जंसा थाने का है जहां एक पीड़ित का आरोप है कि झोलाछाप डॉक्टरों ने उसकी गर्भवती पत्नी का ऑपरेशन किया और कुछ देर बाद उसकी मृत्यु हो गई। पीड़ित के लाख कहने पर भी डॉक्टरों ने उसकी गर्भवती पत्नी को रेफर नहीं किया और 2 घण्टे बाद मृत्यु हो गयी। सिस्टम की लाचारी और सीएमओ कार्यालय की वसूली नीति के कारण एक बच्चा पैदा होते ही अनाथ हो गया                      अब पीड़ित मुकदमे के लिए चार दिन सुबह-शाम थाने पर, एक दिन एसीपी साहब के यहां तहसील पर और एक दिन पुलिस कमिश्नर वाराणसी के हैं अपनी एड़ियां रगड़ चुका है उसके बावजूद भी उसका मुकदमा नहीं लिखा जा रहा है। जानकारी मिल रही है कि उच्च अधिकारियों ने मुकदमा लिखने का आदेश कर दिया है लेकिन संबंधित मामले में थाना प्रभारी का कहना है कि जिन्होंने आदेश किया है हम उनसे बात करेंगे। थाना प्रभारी चाह रहे हैं कि पीड़ित ही विवेचना कर सारे साक्ष्य उनके कदमों में लाकर रख दे जबकि पीड़ित के पास अस्पताल के दस्तावेज और मृतक पत्नी की वीडियो और फोटो है। थाना प्रभारी का कहना है कि क्या सबूत है कि वहीं पर ऑपरेशन हुआ तो महोदय यही बता दे कि कहां ऑपरेशन हुआ मामला ही खत्म हो जाए।

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इस पूरे मामले की जानकारी ट्विटर के माध्यम से उत्तर प्रदेश के डीजीपी और यूपी पुलिस की ऑफिशियल अकाउंट पर ट्वीट करके दी गई है।

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Team Dehati
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