May 18, 2026
BAN822131

कार्यवाही: संविदा कर्मी उमेश की मौत के बाद विद्युत विभाग में हड़कंप, जेई समेत कई होंगे निलंबित

By DehatiEdited: MayankPublish : 26रविवार 2024
Update : 26अगस्त 10:40AM

देहाती संवाददाता वाराणसी। हमारे जानकारी के अनुसार 16 अगस्त को ट्रांसमिशन के 132 केवी उपकेंद्र, राजातालाब पर ट्रांसफार्मर में तेल डालते वक्त बिजली सप्लाई चालू हो जाने से घायल हुए संविदाकर्मी उमेश कुमार की 7 दिन बाद इलाज़ के दौरान मौत हो जाने के बाद पूरा मामला जब मीडिया कर्मियों ने इस खबर को प्रकाश में लाया तो आनन फानन में अधीक्षण अभियंता ने अवर अभियंता को निलंबित किया।ट्रांसफार्मर में तेल डाल रहे संविदा कर्मचारी उमेश कुमार गंभीर रूप से झुलस गए था। जिसको तत्काल गंभीर हालत में अस्पातल में भर्ती कराया गया था। ट्रांसफार्मर पर तेल डालने के समय लाइन चालू कर दी गई थी। दिवंगत उमेश खजुरी/रखौना का रहने वाले था। ट्रांसमिशन के अधिकारियों ने घटना को छिपाने का षड्यंत्र और प्रयास किया था. लेकिन इस पूरे मामले में दुर्घटना की ख़बर फैलने के बाद देहाती लेखक की टीम बराबर मॉनिटरिंग कर रही थी और तथ्यों की तलाश में थे। जब खबर देहाती लेखक डिजिटल मीडिया पर प्रमुखता से चली तब दिनेश चन्द्र दीक्षित,अधीक्षण अभियंता, विद्युत प्रेषण मंडल-प्रथम, वाराणासी ने घटना में प्रथमदृष्टया कार्यवाही न कर दोषियों को ढूंढने के लिए दो सदस्यी जांच कमेटी बनाई। अधीक्षक अभियंता के द्वारा गठित समितिदिनांक-24.08.24 तक घटना में दोषियों/दोषी को ढूंढ नही पाई।                      यहां सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि जब संविदा कर्मी के साथ जिस दिन घटना घटी तब बिजली विभाग के बड़े अफसरो ने मामले को दबाए रखा था। जांच कमेटी, संविदाकर्मी की मौत पर खुली अधीक्षण अभियंता की आंख दूसरी तरफ घायल कर्मी की इलाज़ के दौरान 7 दिनों बाद 24.08.24 को मौत हो गई। घायल कर्मी की मौत की ख़बर विभाग में फैलते ही अधीक्षण अभियंता ने अपने द्वारा बनाई गई जांच समिति की रिपोर्ट के बिना विजय पाल राव(12000394) अवर अभियंता को 7 दिनों बाद प्रथमदृष्टया दोषी मानते हुए अग्रेतर जांच औऱ अनुशासनात्मक कार्यवाही किए जाने हेतु निलंबित कर मामले में पीड़ित परिवार औऱ कर्मचारियो के आक्रोश पर ठंडा पानी डालने का काम किया।

मामले में आयोग ने लिया संज्ञान
वहीं दूसरी ओर इस पूरे मामले में जब देहाती लेखक डिजिटल मीडिया ने खबर को प्रमुखता से छापा तो राष्ट्रीय मानवाधिकार नई दिल्ली को लिखित शिकायत पत्र मानवाधिकार CWA संस्था के अध्यक्ष/चेयरमैन योगेंद्र सिंह योगी द्वारा दोषियों के ऊपर कड़ी कार्यवाही के लिए आयोग में भेज दिया गया है।देहाती लेखक डिजिटल मीडिया ने इस मामले में लगातार सूत्रों के माध्यम से खबरों पर पकड़ बनाए रखे थे. अधिकारियों का कोई सहयोग नहीं मिल रहा था इस मामले में कोई भी बड़ा अधिकारी बात करने को तैयार नहीं था लेकिन फिर भी हमने निष्पक्ष और निडरता के साथ इस खबर को प्रकाशित किया ताकि पूरे परिवार को न्याय मिल सके।

Author Profile

Mayank Kashyap
Mayank Kashyap
न्यूज़ एडिटर | देहाती लेखक
See also  Varanasi Crime: एक मादक पदार्थ तस्कर गिरफ्तार, 1180 रूपये नगद बरामद
Latest entries

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *