October 18, 2026
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हिंदू पंचांग के अनुसार, कार्तिक महीने की पूर्णिमा तिथि को मनाया जाता है। जिसके अनुसार, 15 नवंबर को सुबह 6:19 पर इसका शुभारंभ होगा और इसका समापन 16 नवंबर की रात 2:58 पर होगा।

देहाती लेखक.……✍️✍️✍️✍️
Dev Diwali 2024 : इस साल 15 नवंबर को देव दीपावली मनाई जाएगी। इस दिन नदी में स्नान करने के बाद भगवान शिव की पूजा-अर्चना करने का विशेष महत्व है। यह उत्सव उत्तर प्रदेश के वाराणसी में बड़े ही धूमधाम से मनाया जाता है। घाट दीपो से सजकर जगमगाते हैं। पूरे शहर को लाइटों से सजा दिया जाता है। इस दिन पूरे देशभर से श्रद्धालु वाराणसी पहुंचते हैं और गंगा नदी में स्नान करने के बाद महादेव की पूजा करते हैं, जिससे उनके जीवन के सभी कष्ट, रोग और दोष दूर हो जाते हैं।

उदया तिथि के अनुसार, देव दीपावली 15 नवंबर को मनाई जाएगी।दीप जलाने का शुभ मुहूर्त 15 नवंबर को शाम 5:08 से शुरू होगा, जोकि शाम 7:45 तक रहेगा।

सुरक्षा की तैयारी पूरी
पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल ने संबंधित अधिकारियों के संग बैठक कर तैयारी की समीक्षा भी की है। इस दौरान देव दीपावली के दिन मैदागिन से गोदौलिया, अस्सी, बैंक आफ बड़ौदा और लंका जाने वाले मार्ग पर VVIP समेत सभी तरह के वाहनों की आवाजाही पर प्रतिबंध रहेगा। बता दें कि इस खास मौके पर उपराष्ट्रपति 15 नवंबर को वाराणसी आएंगें। इसलिए सुरक्षा के कड़े बन्दोबस्त किए गए हैं। पुलिस निरंतर पेट्रोलिंग करती रहेगी। सीसीटीवी कैमरे और ड्रोन से निगरानी रखी जाएगी। सफेद कपड़े में पुलिस कर्मियों की तैनाती रहेगी, ताकि चोरी जैसी घटनाओं को रोका जा सके। लाइफ जैकेट के बिना कोई भी नौके पर सवार नहीं हो पाएगा। घाटों पर तेज ध्वनि, अश्लील संगीत और नृत्य पर रोक रहेगी।

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क्या है…? मान्यता
इस त्योहार को त्रिपुरोत्सव उत्सव के नाम से भी जानते हैं, जिसे पृथ्वी लोक पर देव दीपावली कहा जाता है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन भगवान शिव की नगरी काशी में देवतागण आते हैं और दीपावली मनाते हैं। इस दिन भगवान शिव ने अत्याचारी दैत्य त्रिपुरासुर का वध किया था और संपूर्ण त्रिलोक को उसके अत्याचारों से मुक्ति दिलाई थी। इससे देवगण प्रसन्न होकर भगवान शिव की आराधना करते हुए काशी पहुंचे थे। तब से यहां देव दीपावली बड़े ही उत्साह के साथ मनाई जाती है।

लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र
काशी विश्वनाथ केवल देश ही नहीं, बल्कि पूरे विश्व भर के लिए आकर्षण का केंद्र बन चुकी है। यहां पर सालों भर भक्तों की भीड़ देखने को मिलती है। देव दीपावली की तैयारी यहां पर कई महीनो से शुरू कर दी जाती है। इस साल की बात करें तो घाटों को रंग-बिरंगे झालरों से सजाया गया है। नमो घाट के साथ ही राजघाट पुल के गंगा में खंभों को भी झालरों से सजाया गया है। इसके अलावा, नावों को रंग-बिरंगी लाइटों से सजाया गया है, जो लोगों का ध्यान अपनी और आकर्षित कर रही है।

इस दिन विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रम के आयोजन किए जाएंगे। जिसमें विभिन्न शैक्षणिक संस्थाओं के छात्र हिस्सा लेंगे। सुरक्षा की दृष्टि से चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल तैनात रहेगी। बता दें कि लोगों का वाराणसी में पहुंचना शुरू हो चुका है। 14 से 16 नवंबर के लिए पूरे बनारस में स्थित होटल और स्टे होम फूल हो चुके हैं।

सभी 84 घाटों को 16 लाख दियों से जगमग किया जाएगा. इसके अलावा गंगा द्वार और चेत सिंह घाट पर लेजर शो का भी आयोजन किया जाएगा, जिसका रिहर्सल भी किया जा रहा है. साथ ही गंगा उस पार शानदार आतिशबाजी होगी. वहीं इस बार घाटों पर सजाने वाले दिए महिला सशक्तिकरण को समर्पित होंगे, साथ ही काशी के घाट पर मशहूर उद्योगपति रतन टाटा को भी श्रद्धांजलि दी जाएगी.

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प्राचीन कथा अनुसार त्रिपुरासूर के आतंक से जब देवताओं को मुक्ति मिली थी तो उन्होंने स्वर्ग से भगवान शिव की नगरी काशी में आकर दीप प्रज्वलित किए थे.तभी से ही काशी में देव दीपावली मनाने की परंपरा है. इस वर्ष कार्तिक पूर्णिमा की तिथि 15 नवंबर को है, इसलिए 15 नवंबर को काशी की देव दीपावली मनाई जाएगी. इस दिन विशेष तौर पर काशी के सभी गंगा घाटों को दीयों से जगमग किया जाएगा.

नाव से लेकर होटल की बुकिंग फुल
वहीं इस बार काशी के विरासत को संजोने के लिए पहचाने जाने वाली अहिल्याबाई होल्कर की 300वीं जयंती के अवसर पर काशी के गंगा घाट पर अहिल्याबाई होल्कर से जुड़ी झांकी भी देखी जा सकेगी. इसके अलावा विश्व के जाने-माने उद्योगपति रतन टाटा को भी गंगा घाट पर दीप प्रज्वलित करके श्रद्धांजलि दी जाएगी. देव दीपावली आयोजन को लेकर गंगा तटवर्ती क्षेत्र की समितियां और जिला प्रशासन की तरफ से तैयारी पूरी की जा रही है. नाव से लेकर होटल की बुकिंग लगभग फुल हो चुकी है.

काशी के घाटों पर उमड़ने लगी भीड़
वाराणसी के सबसे मशहूर अस्सी घाट पर 12 नवंबर से 14 नवंबर तक गंगा महोत्सव का आयोजन हो रहा है. इस आयोजन को देखने के लिए देर शाम से ही लोगों की भारी भीड़ उमड़ रही है. लाखों की संख्या में लोग अस्सी घाट से लेकर तुलसी घाट तक बैठे हुए नजर आ रहे हैं. विभिन्न कार्यक्रम को देखने के लिए लोगों की उत्सुकता देखी जा रहे हैं. वहीं 15 नवंबर को आयोजित होने वाले देव दीपावली पर 10 लाख से अधिक लोगों के काशी आने की संभावना जताई जा रही है.

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